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टैक्स बचाने का सही समय है अब, ELSS में निवेश कर कमाई के साथ बचत भी करें

By Nivesh Gyan   4 जुलाई

Category: Save Tax

अच्छे दिनों में की गई बचत मुसीबत के दिनों में आपका साथ देती है। टैक्स बचा कर बचत करने के लिए इससे बड़ी प्रेरणा भला और क्या होगी?

 

हालांकि बाज़ार में टैक्स बचाने के लिए पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) और नेश्नल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) जैसे ढेरों परंपरागत विकल्प मौजूद हैं, सिर्फ म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम्स यानी ईएलएसएस ही एक मात्र ऐसा विकल्प है जो टैक्स बचत के साथ साथ बढ़िया रिटर्न भी देता है।

 

ईएलएसएस टैक्स बचाने की ऐसी योजना हैं जो आपकी पूंजी का निवेश विभिन्न शेयरों (डायवर्सिफाइड इक्विटी) में करती है। इसमें निवेश का लॉक-इन पीरियड 3 साल रहता है। आसान भाषा में कहें तो आप 3 साल से पहले ईएलएसएस में से अपना निवेश निकाल नहीं सकते।

 

ईएलएसएस में निवेश कैसे करें?

ईएलएसएस में निवेश करने का सबसे बढ़िया तरीका है सिस्टेमेटिक इन्वेसटमेंट प्लान या एसआईपी। इसके ज़रिये आप हर महीने या फिर अपनी सहूलियत के हिसाब से चुनी हुई अवधी के बात तय रकम निवेश कर सकते हैं। यानी आप अपनी जेब पर बोझ डाले बिना अपनी सुविधा के अनुसार निवेश कर सकते हैं।

 

ईएलएसएस में निवश क्यों करना चाहिए?

ईएलएसएस में निवेश से बढ़िया रिटर्न के साथ साथ टैक्स बचत का फायदा भी मिलता है

ईएलएसएस फंड्स डिविडेंड और ग्रोथ – दोनों तरह की योजनाओं में निवेश का विकल्प देते हैं। जहां डिविडेंड प्लान में निवेश से हमें रेग्युलर आय मिलती है (3 साल के लॉक-इन पीरियड में भी), वहीं ग्रोथ प्लान में लॉक-इन पीरियड खत्म होने पर आपको एक-मुश्त रकम एक साथ मिलेगी।

ईएलएसएस योजनाओं में आप हर महीने सिर्फ 500 रुपये की रकम से भी निवेश शुरू कर सकते हैं। यानी अपने मासिक बजट पर कोई बड़ा असर डाले बिना आप बेहतरीन निवेश की पहली सीढ़ी चढ़ सकते हैं

 

ईएलएसएस में निवेश के लिए एकमुश्त रकम की जगह एसआईपी क्यों बेहतर है?

एसआईपी यानी एक तय रकम धीरे-धीरे निवेश करने से आप शेयर बाज़ार में रोज़ाना होने होने वाले उतार-चढ़ाव से बच जाते हैं। साथ ही इस तरीके से खरीदे गए शेयरों के भाव को औसत का फायदा मिल जाता है। और क्योंकि आप पूरा साल थोड़ा थोड़ा निवेश करते रहे हैं, इसलिए इसके बाद आप पर टैक्स बचाने के लिए जनवरी से मार्च के बीच एकसाथ बड़ा निवेश करने की तलवार नहीं लटकेगी।

ईएलएसएस में एक साथ निवेश करने पर शेयर बाज़ार में गलत समय पर प्रवेश करने का डर हमेशा बना रहता है।

 

ईएलएसएस टैक्स बचाने के परंपरागरत तरीकों से बेहतर क्यों है?

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C  के तहत 1.5 लाख रुपये तक का आयकर बचाने के लिए ईएलएसएस दूसरे परंपरागत तरीकों से कई मामलों में बेहतर है। इसमें अपना पैसा वापिस निकालने की ज़्यादा आज़ादी है और ये दूसरे तरीकों से कहीं ज़्यादा रिटर्न भी देते हैं। यानी सोने पे सुहागा।

स्कीम लॉक-इन अवधी रिटर्न
पीपीएफ 15 ~8%
एनएससी 6 ~8%
टैक्स सेविंग्स एफडी 5 ~8%
ईएलएसएस 3 ~12-14% या उससे भी ज़्यादा (गारंटी नहीं, क्योंकि ये रिटर्न  बाज़ार के उतार चढ़ाव पर निर्भर करता है)

 

मज़ेदार बात ये है कि ईएलएसएस फंड्स के ज़रिये होने वाले कैपिटल गेन्स भी टैक्स फ्री हैं। यानी ईएलएसएस सिर्फ टैक्स बचाने के लिए ही नहीं, बल्की सामान्य बचत करने का भी बेहतरीन तरीका हैं।