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यस बैंक पर अपडेट

By Nivesh Gyan   6 मार्च

Category: General

 

लेटेस्ट न्यूज़

भारत सरकार ने यस बैंक को स्थगन के तहत रखा और एक महीने के लिए निकासी को सिमित कर दिया है, जबकि आरबीआई ने लगातार वित्तीय संकट से जूझ रहे इस कंपनी के बोर्ड को भी स्थगित कर दिया है । वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्रस्तुत एक आवेदन पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया है, मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है की ये स्थगन 3 अप्रैल, 2020 तक चलेगा और इस अवधि के दौरान बैंक के खिलाफ सभी कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी। बैंक को अधिस्थगन की अवधि के दौरान RBI से लिखित अनुमति के बिना 50,000 रुपये से अधिक किसी भी जमाकर्ता को भुगतान करने की अनुमति नहीं है।

हमारी एहतियाती कार्रवाई 

हम पिछले साल मई -2019 से इस समस्या की लगातार निगरानी कर रहे थे जब रेटिंग एजेंसियों ने लगातार दो बार बैंक की रेटिंग घटा दी।

हमने इस बैंक की बुनियादी बातों का अच्छी तरह से विश्लेषण किया था और पाया था कि बैंक के पास पर्याप्त कार्यशील पूंजी की कमी थी और यह आईसीआर (ब्याज कवरेज अनुपात) उस मानक से बहुत कम था जो बैंक के लिए पर्याप्त नहीं था कि वह ब्याज की देयता को पूरा कर सके। इसके अलावा, बैंक के सबसे बड़े कर्जदार लगातार चूक कर रहे थे, जिसने बैंक को एक मुश्किल स्थिति में डाल दिया था। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए, हमने यस बैंक के एक्सपोज़र के साथ डेट फंडों को सूचीबद्ध किया था और बाहर निकलने के सुझाव के साथ अपने भागीदारों और ग्राहकों के साथ नोट्स साझा किए थे। । हमने विशेष रूप से निम्नलिखित फंडों से बाहर निकलने की सलाह दी थी:

 

  • Nippon India Equity Hybrid Fund
  • Nippon India Credit Risk Fund
  • Nippon India Equity Savings Fund
  • Nippon India Ultra short term debt

 

यस बैंक को अपने पोर्टफोलियो में रखने वाले डेट फंड जून – 2019  से हमारी अनुशंसित सूची का हिस्सा नहीं है और है भी तो वो हमारे कुल राशि का मात्र 0.25% है । यस बैंक की इस घटना ने यह साबित कर दिया की एक निवेशक के लिए सलाहकार की कितनी आवश्यकता है क्युकी निवेश ,  प्रारंभिक निवेश के अलावा, इस को मार्किट में होने वाले लगातार बदलाव के समय लगातार ध्यान देने की जरूरत होती है जिसमे एक एडवाइजर आपकी मदद करता है।